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अचà¥à¤›à¤¾ पोषण असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और विकास के लिठआधारशिला है। खैर-मनà¥à¤·à¥à¤¯ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जीवन में à¤à¤• बेहतर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ दे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वयसà¥à¤•ों में हो जाना और बदले में, सà¥à¤•ूल में बेहतर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करते हैं। खैर-मनà¥à¤·à¥à¤¯ महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कम जोखिम का सामना है, और अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दोनों शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत विकास के पथ पर बंद सेट। विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर, बचà¥à¤šà¥‡ की मौत का à¤à¤• तिहाई से अधिक कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के कारण कर रहे हैं। 5 साल की उमà¥à¤° के तहत बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच होने वाली मौतों की वैशà¥à¤µà¤¿à¤• वितरण , कारण से, 2010 बाल कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£-à¤à¤• साइलेंट किलर कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ सब बचपन से होने वाली मौतों में से लगà¤à¤— आधे से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। चावल, मकà¥à¤•ा, गेहूं, तेल, चीनी और नमक जैसी बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठकीमतों में खादà¥à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की धमकी, आसमान छू, और गंà¤à¥€à¤° कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और à¤à¥à¤–मरी में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे गरीब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लाखों लोगों के लिठमजबूर कर रहे हैं। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बहà¥à¤¤ में, पूरà¥à¤£ पेट के साथ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अà¤à¥€ à¤à¥€ कमी कर रहे हैं पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ और विटामिन वे अपनी पूरी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित करने की जरूरत है। à¤à¤• कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤•ूली शिकà¥à¤·à¤¾ का सबसे बाहर निकलने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है, बीमारी से लड़ने के लिठकम करने में सकà¥à¤·à¤® है, और अकà¥à¤¸à¤° शारीरिक और मानसिक रूप से अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाता है। कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के साथ सà¤à¥€ निवारक उपायों के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उतà¥à¤¤à¤°à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤à¤¾ पर सबसे बड़ा संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ, 800,000 लोगों की मृतà¥à¤¯à¥ पर रोकने के लिठकिया गया है उमà¥à¤° के दो वरà¥à¤· से कम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उतà¥à¤¤à¤°à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤à¤¾ और शिशà¥à¤“ं की वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पर गरीबी। पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के चकà¥à¤° में फंस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ रहता है (13 पà¥à¤°à¤¤à¤¿ विकासशील दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पांच वरà¥à¤· से कम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सà¤à¥€ मौतों) (2013 नà¥à¤•ीला) का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤à¥¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गैर-सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में जीवित रहने के लिठकम से कम छह बार बड़ा मौका है। à¤à¤• विशेष रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• गैर-सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पहले छह महीनों में मरने के लिठ14 गà¥à¤¨à¤¾ कम होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ काफी तीवà¥à¤° शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और दसà¥à¤¤ से होने वाली मौतों को कम कर देता है, दो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– बचà¥à¤šà¥‡ हतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ (2008 नà¥à¤•ीला)। इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की बीमारी और साफ पानी और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ के लिठकम उपयोग का à¤à¤• उचà¥à¤š बोठके साथ देश की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास में विशेष रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। लेकिन औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक देशों में गैर-सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मरने की अधिक से अधिक जोखिम पर à¤à¥€ रहे हैं - संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में पोसà¥à¤Ÿ-नवजात मृतà¥à¤¯à¥ दर के हाल के à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ गैर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शिशà¥à¤“ं में मृतà¥à¤¯à¥ दर में 25% की वृदà¥à¤§à¤¿ पाया। बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ मिलेनियम पलटन सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ में, विशेष रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के छह महीने के दसà¥à¤¤ के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² दाखिले में à¤à¤• 53% कमी और शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° के संकà¥à¤°à¤®à¤£ में 27% की कमी के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ थे। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ दरों में नहीं रह गया है कि वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर गिरते हà¥à¤, कई देशों के साथ पिछले à¤à¤• दशक में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय वृदà¥à¤§à¤¿ का सामना कर रहा है, विकासशील दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में उमà¥à¤° के छह महीने से à¤à¥€ कम के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की केवल 39 फीसदी विशेष रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर रहे हैं और सिरà¥à¤« 58 20-23 माह के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जारी रखा सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से लाठहोता है। देशों की बढ़ती संखà¥à¤¯à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और तेजी से पà¥à¤°à¤—ति 25 देशों दसà¥à¤¤, निमोनिया, मलेरिया के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ की मौत का à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण के रूप में पाया गया है|
पोषण की आवशà¥à¤¯à¤•ता
पोषण कितना जरूरी है इसे देश की मौजूदा परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से समà¤à¤¾ जा सकता है। जितनी ताकत अनà¥à¤¨ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने में है, उतनी ही ताकत अनà¥à¤¨ तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में à¤à¥€ है। अनà¥à¤¨ तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने की ताकत से पूरे देश में हलचल पैदा हो सकती है। बहरहाल अनà¥à¤¨ का मानव संसà¥à¤•ृति सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ की शà¥à¤°à¥‚आत से ही नाता है। जैसे-जैसे संसà¥à¤•ृति पà¥à¤·à¥à¤Ÿ होती रही है वैसे-वैसे ही अनà¥à¤¨, à¤à¥‹à¤œà¤¨, पोषण में à¤à¥€ कई सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर बेहतर होते जाने की कवायद चलती रही है। पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को मानव सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ की शà¥à¤°à¥‚आत से ही देखा जाता रहा है। किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ के लिठपोषण जरूरी है, लेकिन उससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है कि संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ पोषण कैसे हो ?
कितना पोषण है जरूरी
इंडियन कांउसिल फॉर मेडिकल रिसरà¥à¤š ने à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठकितना पोषण जरूरी है उसे कैलोरी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मापदंड तय किया है। आईसीà¤à¤®à¤†à¤° के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• औसत à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ के लिठà¤à¤¾à¤°à¥€ काम करने वालों के लिठरोजाना 2400 कैलोरी पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ और कम शारीरिक शà¥à¤°à¤® करने वाले लोगों के लिठ2100 कैलोरी पोषण जरूरी है। पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का मतलब यह à¤à¥€ है कि किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की अपने जीवन चकà¥à¤° में à¤à¤¸à¥‡ विविधता पूरà¥à¤£ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ मेपहà¥à¤‚च सà¥à¤¨à¤¿6चित होना जिसमें जरूरी कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤ˆà¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, वसा, सूकà¥à¤·à¥à¤® पोषण ततà¥à¤µ की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ हो। इन ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ अलग-अलग तरह के अनाजों, दालों, तेल, दूध, अणà¥à¤¡à¥‡, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फलों से होती है, इसलिठइनकी उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ और वहन करने की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बननती चाहिये। इसी तारतमà¥à¤¯ में पीने के साफ पानी की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ à¤à¥€ जरूरी है।
पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पर राजà¥à¤¯ की संवैधानिक बाधà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के संविधान का अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 21 हर à¤à¤• के लिठजीवन और सà¥à¤µà¤¾à¤¤à¤‚तà¥à¤°à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का मौलिक अधिकार सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है। इस अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ के तहत उपलबà¥à¤§ जीवन और सà¥à¤µà¤¾à¤¤à¤‚.तà¥à¤°à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के अधिकार में à¤à¥‹à¤œà¤¨ का अधिकार समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ है। वहीं संविधान का अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 47 कहता है कि लोगों के पोषण और जीवन के सà¥à¤¤à¤° को उठाने के साथ ही जनसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर बनाना राजà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है।
मानव अधिकारों पर जारी अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ घोषणा पतà¥à¤° (1949) की धारा-25 हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिये परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के अधिकार को मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ देती है।
आरà¥à¤¥à¤¿à¤•, सामाजिक और सांसà¥à¤•ृतिक अधिकारों पर अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सहमति दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ की धारा-11 (1966) और आरà¥à¤¥à¤¿à¤•, सामाजिक और सांसà¥à¤•ृतिक अधिकारों की समिति हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¥‚ख से मà¥à¤•à¥à¤¤ रखने के संदरà¥à¤ में राजà¥à¤¯ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ करती है।
इस संदरà¥à¤ में संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° संघ के बाल अधिकार समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ (धारा-271 अौर 273) अौर महिलाओं के खिलाफ होने वाले हर तरह के à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ की सामापà¥à¤¤à¤¿ के लिये समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ (सीडा) के घोषणा पतà¥à¤° (धारा-12) महिलाओं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की खादà¥à¤¯-पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के बारे में राजà¥à¤¯ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करते हैं।
राजà¥à¤¯ सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• वितरण पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के जरिठकमजोर वरà¥à¤— के लोगों को ससà¥à¤¤à¥€ दरों पर खादà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¨ उपलबà¥à¤§ कराता है। इसके साथ ही आईसीडीà¤à¤¸ और मिड डे मील के जरिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जा रही है। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में अलग अलग समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ अपनी संसà¥à¤•ृतियों के साथ विविधता के साथ बसर करते हैं। कमोबेश पोषण के नजरिठसे à¤à¥€ देखें तो मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में बहà¥à¤¤ विविधता पाई जाती है। बावजूद इसके पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मानकों के नजरिठसे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की तसà¥à¤µà¥€à¤° बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ नहीं है। खासकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के संदरà¥à¤ में देखें तो यहां साठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार हैं।
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है
इसे पोषण की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ और उसके वितरण के नजरिये से देखा जाना चाहिà¤à¥¤ 1972-73 में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¹ 153 क़िलोगà¥à¤°à¤¾à¤® अनाज को उपà¤à¥‹à¤— होता था, अब वह 1222 क़िगà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¹ आ गया है। 2005-06 में à¤à¤• सदसà¥à¤¯ औसतन उपà¤à¥‹à¤— 11920 क़िगà¥à¤°à¤¾ था जो 2006-07 में औसत à¤à¥‹à¤œà¤¨ का उपà¤à¥‹à¤— घटकर मातà¥à¤° 11685 किगà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ रह गया। नि6चित ही यह à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ संकेत नहीं है। यही कारण है कि यहां 5 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के 70 फीसदी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खून की कमी है। 19 में से 11 राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में 75 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के शिकार हैं।
बीमारी के शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को कमजोर जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में हर साल विशेष रूप से कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£, कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं सब बचà¥à¤šà¥‡ की मौत का à¤à¤• तिहाई से अधिक,।
à¤à¤• महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के शिकार या जाता है तो उसके बचà¥à¤šà¥‡ के जीवन के पहले दो वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के दौरान कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के शिकार है, तो बचà¥à¤šà¥‡ के शारीरिक और मानसिक विकास और विकास धीमा हो जाà¤à¤—ा। बचà¥à¤šà¥‡ बड़े होने पर यह सही नहीं किया जा सकता है - यह उसके जीवन के आराम के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगा।
शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और अचà¥à¤›à¥€ तरह से कारà¥à¤¯ अंगों और ऊतकों रखने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• उचित ऊरà¥à¤œà¤¾ की मातà¥à¤°à¤¾ (कैलोरी), पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, वसा, विटामिन, खनिज और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होता है जब कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ विकसित करता है। à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ या वयसà¥à¤• कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की जा रही कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ जा सकता है।
लोग कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ हैं जब दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के अधिकांश à¤à¤¾à¤—ों में होता है। विशेष रूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और महिलाओं के आधे पेट के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• कारण, गरीबी, à¤à¥‹à¤œà¤¨ की कमी, दोहराया बीमारियों, अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ खिला पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं, देखà¤à¤¾à¤² और गरीब सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ की कमी कर रहे हैं। आधे पेट खाना कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के जोखिम उठाती है। जोखिम जीवन के पहले दो वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में सबसे बड़ी है। दसà¥à¤¤ और अनà¥à¤¯ बीमारियों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, खनिज और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की शरीर सार जोखिम जब आगे बढ़ जाती है।
à¤à¤• घर का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दसà¥à¤¤ और अनà¥à¤¯ बीमारियों आम है कि बनाने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है नहीं करता है, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के शिकार बनने के लिठसबसे कमजोर कर रहे हैं। बचà¥à¤šà¥‡ बीमार हो जाते हैं, वे वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में तेजी से खतरे में उनके जीवन डालता है, जो जलà¥à¤¦à¥€ से ऊरà¥à¤œà¤¾ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ खो देते हैं।
यह बचपन और हृदय रोग और वयसà¥à¤•ता में अनà¥à¤¯ रोगों में मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का कारण बन सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ऊरà¥à¤œà¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उचà¥à¤š लेकिन इस तरह मीठा पेय या तला हà¥à¤†, सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š à¤à¥‹à¤œà¤¨ के रूप में अनà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में अमीर नहीं हैं कि खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में खाते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ के आहार की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने के à¤à¤¸à¥‡ मामलों में शारीरिक गतिविधि के अपने या अपने सà¥à¤¤à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ के साथ साथ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ जैसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ रोगों, के साथ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ अधिक अतिसंवेदनशील कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के लिठकर रहे हैं। उनके शरीर विटामिन, लोहा और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को अवशोषित à¤à¤• कठिन समय है। विकलांग बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ वे की जरूरत है वे पोषण मिलता है सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठअतिरिकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत हो सकती है।
सà¤à¥€ लड़कियों और लड़कों को वे अचà¥à¤›à¥€ तरह से à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार के साथ मनà¥à¤·à¥à¤¯ हैं सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ माता, पिता या अनà¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² करने वालों के साथ à¤à¤• देखà¤à¤¾à¤² और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के माहौल का अधिकार है|
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पोषण का महतà¥à¤µ
पोषण से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की बढ़त अचà¥à¤›à¥€ होती है। और दिमाग का विकास होता हैं। सही पोषण से बीमारियों से लड़ने की शकà¥à¤¤à¤¿ मिलती है और बार-बार बीमार नहीं पड़ते। पोषण से ही बार-बार बीमार होने से बचा जा सकता है और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के दायरे से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पाई जा सकती है। सही पोषण से बीमारी नहीं होती, इसका असर à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जीवन पर देखने को मिलता है, उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता में बढ़ोतà¥à¤¤à¤°à¥€ होती है, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ जाती है और पढ़ाई में मन लगता है। देश का बेहतर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ होता है।
महिलाओं और किशोरियों में खून की कमी बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में खून की कमी या à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ आम बीमारी है। देश में 6 से 59 माह की आयॠवरà¥à¤— में हर दस में सात बचà¥à¤šà¥‡ 695 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ खून की कमी का शिकार हैं। इनमें से चालीस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ मामूली तौर पर और तीन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ गंà¤à¥€à¤° रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं। गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में महिलाà¤à¤‚, यà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ व बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीड़ित हैं। à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ के दूसरे सरà¥à¤µà¥‡ से तीसरे सरà¥à¤µà¥‡ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ 74 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से बढ़कर 79 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पाया गया था। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की तसà¥à¤µà¥€à¤° इस मामले में और à¤à¥€ बदतर है। पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में 74 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दस में से आठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ मांà¤à¤‚ खून की कमी से संघरà¥à¤· करती हैं। मां में खून की कमी का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ उनकी संतान पर सीधे रूप से पड़ता है। सरà¥à¤µà¥‡ में पाया गया है कि जिन मांओं को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ था उनमें से 544 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शिशà¥à¤“ं में à¤à¥€ खून की कमी थी। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ बिहार के बाद दूसरा राजà¥à¤¯ है जहां बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ है। किशोरी यà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी है, यहां हर दस में से छह यà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का शिकार हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£
देश में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की आधी आबादी कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार है। 24 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ गंà¤à¥€à¤° कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार हैं। मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में हाल ही में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पोषण संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हैदराबाद ने अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया है। इस अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया है कि मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में 519 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार हैं। à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ के तीसरे सरà¥à¤µà¥‡ के मà¥à¤•ाबले यहां लगà¤à¤— दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ कम पाया गया हैं। यह à¤à¤• सà¥à¤–द संकेत हो सकता है, लेकिन à¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ à¤à¥€ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में आधे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ अब à¤à¥€ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के संकट में अपनी जिंदगी से संघरà¥à¤· कर रहे हैं। इसके लिठजरूरी है कि उनके पोषण और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाà¤à¥¤
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की पहचान
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार और मपà¥à¤° में हालात कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की तीन तरीकों से पहचान हो सकती है। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पोषण संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के ताजा अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में 519 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ अंडरवेट, 489 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤Ÿà¤‚टिंग और 258 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ वासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आ रहे हैं।
मानव अधिकारों पर संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ घोषणा कहती है, ''हरेक को अपने व अपने परिवार की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ हेतॠà¤à¤¸à¥‡ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जीवन-सà¥à¤¤à¤° का अधिकार है जिसमें रोटी, कपड़ा, मकान व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा व आवशà¥à¤¯à¤• सामाजिक सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ शामिल हैं
बाल-अधिकारों पर संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾-पतà¥à¤° (1989) का अधिनियम 24 पोषण-समà¥à¤¬à¤‚धी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अधिकार की साफ तौर पर वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ करता है। यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾-पतà¥à¤° कहता है, ''सारे गवाह राजà¥à¤¯ इस अधिकार के पूरà¥à¤£ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨ हेतॠजतनऔर खास तौर पर इस बाबत उपयà¥à¤•à¥à¤¤ कदम उठाà¤à¤‚ , रोग à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ से निपटने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ ढांचे के तहत अनà¥à¤¯ बातों के साथ-साथ तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ उपलबà¥à¤§ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— व परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार व पीने का साफ पानी कराना ।
अंडरवेट ( कम वजन )
इसको आयॠके हिसाब से कम वजन होने के नजरिठसे देखा जाता है। यह सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाया जाने वाला कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ है। उमà¥à¤° के हिसाब से वजन कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ मापने का à¤à¤• सामानà¥à¤¯ मापदंड है, लेकिन इसमें उंचाई को शामिल नहीं किया जाता है।
सà¥à¤Ÿà¤‚टिंग ( उंचाई के अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में कम वजन )
इसे उमà¥à¤° के हिसाब से उंचाई के मान से परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया जाता है। यह मानक किसी à¤à¥€ शिशॠके पूरà¥à¤µ में पोषण को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤®à¥à¤¬à¤¿à¤¤ करता है।
वासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग ( उंचाई के अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में कम वजन )
इस मानक का मतलब यह है कि उंचाई के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• वजन कितना है। वासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग को बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° जाने बिना उसके वजन के मान से समà¤à¤¾ जाता है।
शिशà¥à¤“ं की जरूरतें कà¥à¤¯à¤¾ है ?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शिशॠका सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® पोषण है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि जनà¥à¤® के 1 घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥‚आत शिशॠके पूरे जीवन के लिठबà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦ का काम करती है। इसी तरह छह माह की उमà¥à¤° तक à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ को कई बीमारियों से बचाने का काम करता है। बहरहाल इस दिशा में काम करने की बेहद जरूरत है। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पोषण संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के सरà¥à¤µà¥‡ में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में संसà¥à¤¥à¤¾à¤—त पà¥à¤°à¤¸à¤µ को बढ़ाने की दिशा में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय काम हà¥à¤† है और अब यहां लगà¤à¤— 78 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में हो रहे हैं, लेकिन जनà¥à¤® के पहले घंटे में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ केवल 264 है। यह अब à¤à¥€ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ बना हà¥à¤† है। इस दिशा में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• जनचेतना की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
शिशà¥à¤“ं की पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के कà¥à¤¯à¤¾ मायने हैं?
1 शिशॠऔर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ के संदरà¥à¤ में कौशलपूरà¥à¤£ सहायता और सलाह का दिया जाना।
2 बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के 6 माह बाद तक माता को आरà¥à¤¥à¤¿à¤• और पोषण सहायता दिया जाना।
3 समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ और कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² पर समसà¥à¤¤ सेवाओं और सामगà¥à¤°à¥€ सहित à¤à¥‚लाघर ।
पोषण सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठनीतिगत वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ बाल नीति- 1974
à¤à¤•ीकृत बाल विकास परियोजना आईसीडीà¤à¤¸- 1975
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पोषण नीति- 1993
नेशनल पà¥à¤²à¤¾à¤¨ ऑफ à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ फॉर नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨- 2005
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को रोकने के लिठविशेष योजना, आइरन टेबलेट के संदरà¥à¤ में
देश के सà¤à¥€ शासकीय पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤®à¤°à¥€ सà¥à¤•ूलों में मधà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ योजना।
9 माह से 3 साल तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को विटामिन ठकी विशेष खà¥à¤°à¤¾à¤•
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपूरक पोषण आहार छह माह बाद कà¥à¤¯à¥‹à¤‚?
छ: महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की शारीरिक जरूरतें बढ़ जाती है इसलिठमां के दूध के साथ ऊपरी आहार की शà¥à¤°à¥‚आत करना आवशà¥à¤¯à¤• है।
बचà¥à¤šà¥‡ का शारीरिक हलचल बढ़ जाता है जिसके लिये अधिक ताकत की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, इसलिठमां के दूध के साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है।
छ: माह से बचà¥à¤šà¤¾ ऊपर का आहार पचा सकता है।
छ: माह के बचà¥à¤šà¥‡ में सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के के तंतॠविकसित हो जाते हैं। निगलने और चबाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
छ: माह से पहले कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं
इससे बचà¥à¤šà¥‡ को माठका दूध पूरा नहीं मिल पाà¤à¤—ा। अत: 6 माह तक जो ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होनी थी, उसमें कमी हो जाà¤à¤—ी। बचà¥à¤šà¥‡ का आमशय छोटा होता है, यदि उसे तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤° दिया जाता है, तो उसे पोषकता नहीं मिल पाती है।
यदि ऊपरी आहार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल à¤à¤µà¤‚ कम पोषकता वाले होते हैं, तो बचà¥à¤šà¤¾ कमजोर हो सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को बीमारी का खतरा बढ़ जाà¤à¤—ा। समय के पूरà¥à¤µ ऊपरी आहार कम सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ पचने में आसान नहीं होता है।
माता के पà¥à¤¨: गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के अवसर बढ़ जाते हैं।
ऊपरी आहार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?
6 माह की उमà¥à¤° तक मां के दूध से आवशà¥à¤¯à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है।
6 माह के बाद मां के दूध के अलावा अतिरिकà¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता बचà¥à¤šà¥‡ को होती है।
इस तरह 6 महीने के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मां के दूध के साथ ऊपरी आहार देना आवशà¥à¤¯à¤• होता है। इस उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ की पाचन संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पचाने के लिठà¤à¥€ तैयार हो जाता है।
ऊपरी आहार कैसा हो ?
बचà¥à¤šà¥‡ को दिया जाने वाला ऊपरी आहार सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ उपलबà¥à¤§ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ में से होना चाहिà¤à¥¤ इसमें कम से कम निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¥‹à¤œà¤¨ शामिल करने की कोशिश की जानी चाहिठ–
अनाज जैसे चावल, गेहूं, मकà¥à¤•ा, बाजरा।
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š यà¥à¤•à¥à¤¤ सबà¥à¤œà¥€ जैसे आलू, शकरकंद आदि और सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š यà¥à¤•à¥à¤¤ फल जैसे केला आदि।
ऊपरी आहार सफाई से पकाया, परोसा à¤à¤µà¤‚ खिलाया जाना चाहिà¤à¥¤
इसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š घी या तेल अवशà¥à¤¯ मिलना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¾à¤¯: ऊपरी आहार तरल करके बचà¥à¤šà¥‡ को दिया जाता है, à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि गाढ़ा à¤à¥‹à¤œà¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ के गले में फसेगा तथा अपच करेगा, इससे उसमें पानी आदि मिलाकर उसे पतला कर दिया जाता है। यह जरूरी है कि बचà¥à¤šà¥‡ की मां को उसे देने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ के गाढ़ेपन की जानकारी दी जाà¤à¥¤ à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ इतना गाढ़ा होना चाहिà¤, जो की चमà¥à¤®à¤š तिरछी करने पर धीरे-धीरे टपके। इतना पतला न हो कि तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ ही बह जाठया इतना गाढ़ा न हो की चमà¥à¤®à¤š तिरछी करने पर गिरे ही न।
बचà¥à¤šà¥‡ को खाना देने की मातà¥à¤°à¤¾
7 वें माह से की अवधि में
नरम दाल - दलिया, दाल - चावल, दाल - रोटी मसलकर अरà¥à¤§ ठोस (चमà¥à¤®à¤š से गिराने पर सरके, बहे नही), खूब मसले साग à¤à¤µà¤‚ फल, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ दो बार तथा मातà¥à¤°à¤¾à¥¤ 2 - 3 à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ चाय के चमà¥à¤®à¤š दें। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखें। वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤, अनाज, दालें à¤à¤µà¤‚ फलों के साथ मांस, मछली à¤à¤µà¤‚ अणà¥à¤¡à¤¾ यदि खाते हैं तो अव6य शामिल करें तथा नियमित सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ जारी रखें।
8-9 वें माह से की अवधि में
नरम दाल - दलिया, दाल - चावल, दाल - रोटी, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ धीरे - धीरे मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाते हà¥à¤ नियमित सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ 2-3 बार चमà¥à¤®à¤š से 250 मिली0 या पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ में 35 कप अव6य शामिल करें à¤à¤µà¤‚ टà¥à¤•डों में फल à¤à¥€ अवशà¥à¤¯ दें।दूध, दूध से बने पदारà¥à¤¥, अनाज, दालें à¤à¤µà¤‚ फलों के साथ मांस, मछली à¤à¤µà¤‚ अणà¥à¤¡à¤¾ यदि खाते हैं तो अवशà¥à¤¯ शामिल करें तथा नियमित सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ जारी रखें।
9-11 माह से की अवधि में
नरम दाल - दलिया, दाल - चावल, दाल - रोटी, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ धीरे - धीरे मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाते हà¥à¤ अचà¥à¤›à¥€ तरह कटे हà¥à¤ फल à¤à¤µà¤‚ बिना मसला आहार हà¥à¤† दिन में तीन बार दें तथा नियमित सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखें। à¤à¤• बार में 250 मिली0 का कप à¤à¤°à¤•र आहार बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ में गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें।
12 माह - 5 वरà¥à¤· की अवधि में
घर पर पका पूरा खाना, धà¥à¤²à¥‡ à¤à¤µà¤‚ कटे फल, 3 à¤à¥‹à¤œà¤¨ तथा 2 नाशà¥à¤¤à¥‡ के रूप में दें, à¤à¤• बार में 250 मिली0 का कप à¤à¤°à¤•र आहार बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ में गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बीच में आहार देना चाहिà¤, नियमित सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जारी रखें।
6 माह तक जब बचà¥à¤šà¤¾ सिरà¥à¤« मॉ का दूध पीता है, तब कि उसे किसी à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है, परनà¥à¤¤à¥ जब उसे ऊपरी आहार दिया जाता है, तब पेय पदारà¥à¤¥ देना आवशà¥à¤¯à¤• होता है।
पेय पदारà¥à¤¥ की मातà¥à¤°à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को दिठगठà¤à¥‹à¤œà¤¨ के गाढ़ेपन à¤à¤µà¤‚ मां के दूध पर निरà¥à¤à¤° करेगी।
यदि बचà¥à¤šà¤¾ बार-बार हलà¥à¤•े पीले रंग की पेशाब करता है, तो उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥ दिठजा रहे हैं। यदि कम तथा गहरे रंग की पेशाब करता है, तब उसे अधिक पेय पदारà¥à¤¥ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ लगने या बà¥à¤–ार आने पर उसे अधिक बार पेय पदारà¥à¤¥ देने चाहिà¤à¥¤
पानी के अलावा फलों के रस à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दिठजा सकते हैं, परनà¥à¤¤à¥ बचà¥à¤šà¥‡ के दांतों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठयह रस पानी मिलाकर पतले दिठजाने चाहिà¤à¥¤ रस इतना नहीं देना चाहिठबचà¥à¤šà¤¾ अनà¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ न खा सके।
चाय या कॉफी बचà¥à¤šà¥‡ के आयरन के अवशोषण को कम करता है।
कोई à¤à¥€ पेय पदारà¥à¤¥ शà¥à¤¦à¥à¤§ और साफ होना चाहिà¤à¥¤ पानी उबला हà¥à¤† तथा ढककर साफ बरà¥à¤¤à¤¨ में रखना चाहिà¤à¥¤ पानी निकालते वकà¥à¤¤ उसमें हाथ नहीं डालना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है?
नई रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हेतॠजरूरी à¤à¤• या à¤à¤• से अधिक पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी से रकà¥à¤¤ में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ से कम होना। किशोरी बालिकाओं में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° 12 गà¥à¤°à¤¾à¤®100 à¤à¤®à¤à¤² से कम होने पर à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कहलाता है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित होता है उसकी जीà¤, आंखों व नाखà¥à¤¨à¥‹à¤‚ का रंग फीका दिखाई देने लगता है। उसके पैरों में सूजन होती है। साà¤à¤¸ फूलना और थकान महसूस होने लगती है। सा काम करने पर कमजोरी महसूस होती है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: à¤à¥‹à¤œà¤¨ में आयरन या लौह ततà¥à¤µ की कमी होने के कारण होता है। किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बार-बार मलेरिया हो तब à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का शिकार हो सकता है। यà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और महिलाओं में माहवारी के दौरान अधिक खून बहना à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤• कारण है। परजीविक कारण और काम के हिसाब से पोषण की कमी à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में सामने आती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: मां से ही मिलता है।
किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के पूरे जीवन में दिखाई पड़ता है। इससे कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। à¤à¥‚ख कम होने लगती है और सही पोषण नहीं मिलने से आयॠके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शारीरिक वृदà¥à¤§à¤¿ नहीं हो पाती है। यà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ आगे जाकर उनकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है और वह असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातृतà¥à¤µ के दौर से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है। यही कारण है कि यहां पर उचà¥à¤š मातृतà¥à¤µ मृतà¥à¤¯à¥ दर है। उनके बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ कम वनज के पैदा होते है, और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार हो जाते हैं।
आयरन की कमी से होने वाले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के नियंतà¥à¤°à¤£ के तरीके
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचने का सबसे आसान और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका यह है कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ में संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाई जाà¤à¥¤ आहार की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता को बढ़ाकर ही à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पाई जा सकती है। इसके साथ ही मलेरिया से बचाव करके और सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¤• बार आयरन की गोली लेना à¤à¥€ फायदेमंद साबित हो सकता हैं कई चीजें à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ होती है जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ में लौहततà¥à¤µ के अà¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤·à¤£ को अवरूदà¥à¤§ कर देती हैं। à¤à¤¸à¥‡ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचने की जरूरत है। आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार जैसे बाजारा, खजूर, गà¥à¤¡à¤¼, अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ दालें, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ (जैसे पालक, मैथी, बथà¥à¤†) अणà¥à¤¡à¤¾, माà¤à¤¸, मछली इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करना होगा। विटामिन ''सी'' यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैस- नींबू, आंवला, संतरा, अमरूद आदि लेने से आयरन के अवशोषण की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ जाती है। लोहे की कढ़ाई में खाना बनाने की सलाह à¤à¥€ विशेष जà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दी जाती है। आयरन टेबलेट लेने के कà¥à¤› समय बाद कà¥à¤› मिचली अथवा काले रंग के दसà¥à¤¤ होने की शिकायत हो सकती है। लेकिन à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ इन गोलियों का उपयोग बंद नहीं करना चाहिà¤à¥¤
इस के सरà¥à¤µà¥‡à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में 78 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ किशोरियों को आयरन फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की टेबलेट मिल पा रही है। यानी लगà¤à¤— 22 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिला और किशोरियोें को यह किसी à¤à¥€ रूप में नहीं मिल रही है। बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ यह है कि कैसे हम सà¤à¥€ लोगों तक आयà¤à¤«à¤ टेबलेट पहà¥à¤‚चा सकें।
इंडियन कौंसिल फॉर मेडिकल रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 5 सदसà¥à¤¯ परिवार के लिठमासिक जरूरत –
सदसà¥à¤¯
अनाज (किलो)
दाल (किलो)
खादà¥à¤¯ तेल (गà¥à¤°à¤¾à¤®)
औसत मेहनत करने वाला पà¥à¤°à¥‚ष
14.4
27
1050
औसत मेहनत करने वाली महिला
10.8
2.25
900
1-6 वरà¥à¤· का बचà¥à¤šà¤¾
5
1.1
675
7-12 वरà¥à¤· का बचà¥à¤šà¤¾
9
1.8
750
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— तीसरा बचà¥à¤šà¤¾
9
1.8
675
कà¥à¤²
482
9.65
4050
मोटे अनाज की पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता अनà¥à¤¯ अनाजों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
अनाज
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (गà¥à¤°à¤¾à¤®)
रेशा (गà¥à¤°à¤¾à¤®)
मिनरल (गà¥à¤°à¤¾à¤®)
आयरन (मिग़à¥à¤°à¤¾à¤®)
बाजरा
10.6
1.3
2.3
16.9
रागीनाचनी
7.3
3.6
2.7
3.9
कांगà¤à¤¾à¤¦à¥€
12.3
8
3.3
2.8
कोदो
8.3
9
2.6
0.5
कà¥à¤Ÿà¤•ी
7.7
7.6
1.5
9.3
सावाबटà¥à¤Ÿà¥€
11.2
10.1
15.2
चावल
6.8
0.2
0.6
0.7
गेहूं
11.8
1.2
1.5
5.3
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ बातें
à¤à¤• जवान बचà¥à¤šà¥‡ बड़े होते हैं और तेजी से वजन हासिल करना चाहिà¤à¥¤ 2 साल की उमà¥à¤° के जनà¥à¤® से, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास का आकलन करने के लिठनियमित रूप से तौला जाना चाहिà¤à¥¤ अकेली मां का दूध ही खाना है और जीवन के पहले छह महीनों में à¤à¤• शिशॠकी जरूरत पीते हैं। छह महीने के बाद, à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास और विकास सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठमां का दूध के अलावा अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की à¤à¤• किसà¥à¤® की जरूरत है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के अलावा
à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ 9 महीने से शà¥à¤°à¥‚ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन दो से तीन गà¥à¤¨à¤¾ है और पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन तीन से चार बार खाने की जरूरत 6-8 महीने की उमà¥à¤° से। बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख पर निरà¥à¤à¤° करता है, इस तरह के अखरोट पेसà¥à¤Ÿ के साथ फल या रोटी के रूप में à¤à¤• या दो पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नाशà¥à¤¤à¤¾, à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच की जरूरत हो सकती है। बचà¥à¤šà¥‡ को वह या वह बढ़ता है के रूप में तेजी से विविधता और मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है कि à¤à¥‹à¤œà¤¨ की थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ खिलाया जाना चाहिà¤à¥¤
दूध पिलाने बार शारीरिक, सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास और विकास को बढ़ावा देने, जो शिकà¥à¤·à¤¾, पà¥à¤°à¥‡à¤® और बातचीत की अवधि के हैं। माता-पिता या अनà¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤²à¤•रà¥à¤¤à¤¾ खिलाने के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठबात करते हैं, और इलाज के लिठऔर समान रूप से और धैरà¥à¤¯ से लड़कियों और लड़कों के खिलाना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡, बीमारी का विरोध करने में मदद उनकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की रकà¥à¤·à¤¾ और मौत के खतरे को कम करने के लिठविटामिन ठकी जरूरत है। विटामिन ठकई फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, लाल ताड़ के तेल, अंडे, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, जिगर, मछली, मांस, दृढ़ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और मां के दूध में पाया जा सकता है। ठकी कमी आम बात है जहां विटामिन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में, उचà¥à¤š खà¥à¤°à¤¾à¤• में विटामिन ठकी खà¥à¤°à¤¾à¤• à¤à¥€ 5 साल के लिठ6 महीने आयॠवरà¥à¤— के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हर चार से छह महीने के लिठदिया जा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उनके शारीरिक और मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठऔर à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को रोकने के लिठलौह यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की जरूरत है। लोहे का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ जैसे जिगर, दà¥à¤¬à¤²à¤¾ मांस और मछली के रूप में पशॠसà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚, कर रहे हैं। अनà¥à¤¯ अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ लौह दृढ़ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और लोहे के पूरक हैं।
à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और यà¥à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में आयोडीन बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास के लिठविशेष रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यह सीखना विकलांग और देरी के विकास को रोकने में मदद करने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। आयोडीन यà¥à¤•à¥à¤¤ नमक के बजाय साधारण नमक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं और के रूप में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आयोडीन की जरूरत है वे के रूप में के साथ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और पेय बढ़ जाती है की बचà¥à¤šà¥‡ के सेवन के रूप में, दसà¥à¤¤ का खतरा काफी हद तक बढ़ जाती है। कीटाणà¥à¤“ं के साथ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का संदूषण दसà¥à¤¤ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास और विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ और ऊरà¥à¤œà¤¾ खोने के लिठकारण है कि अनà¥à¤¯ बीमारियों का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पानी और उचित हैंडलिंग, तैयारी और खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के à¤à¤‚डारण की बीमारियों को रोकने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं।
à¤à¤• बीमारी के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ और पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ नियमित रूप से à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने की जरूरत है, और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शिशà¥à¤“ं को अधिक बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की जरूरत है। à¤à¤• बीमारी के बाद, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बीमारी की वजह से खो ऊरà¥à¤œà¤¾ और पोषण की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करने के लिठसामानà¥à¤¯ से अधिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ की पेशकश की जा करने की जरूरत है।
विशेष चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤²
बहà¥à¤¤ पतली और / या सूजन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को विशेष चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत है।आपके बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को पोषणयà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार देने के लिठयहां कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ दिठगठहैं:
अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार जैसे पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, ताजे फल, फलियां और इसी पà¥à¤°à¤•ार के अनà¥â€à¤¯ आहार दें।
अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¤°à¤ªà¥‚र अनाज खाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥â€à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें, परनà¥â€à¤¤à¥ उनमें अधिमानत: साबà¥à¤¤ अनाज खाने की आदत डालें।
बचà¥â€à¤šà¥‡ के विकास के लिठदूध व दूध से बनी वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ बहà¥à¤¤ आवशà¥â€à¤¯à¤• हैं। ये कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अचà¥â€à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के रूप में काम करते हैं जिनसे दांत व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत बनते हैं। दो वरà¥à¤· से कम आयॠके बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमलाई निकाले हà¥à¤ कम चिकनाई यà¥à¤•à¥â€à¤¤ दूध लेने की सिफारिश नहीं की जाती है, परनà¥â€à¤¤à¥ किशोरवय बचà¥â€à¤šà¥‡ और तरà¥à¤£ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कम चिकनाई यà¥à¤•à¥â€à¤¤ दूध की किसà¥â€à¤® ले सकते हैं।
जहां तक मांसाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨ लेने का पà¥à¤°à¤¶à¥â€à¤¨ है, अपने बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को बिना चरबी का मांस, मछली और मà¥à¤°à¥à¤—ा-मà¥à¤°à¥à¤—ी लेने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥â€à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें।
किशोरवय बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मदà¥à¤¯à¤¸à¤¾à¤° (à¤à¤²à¥â€à¤•ोहल) करने की बिलà¥â€à¤•à¥à¤² सिफारिश नहीं की जाती है।
à¤à¤¸à¥€ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चयन करें जिनमें नमक व मसाले कम हों।
à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ लेने से परहेज करें जिनमें चीनी और चिकनाई की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक है।
जहां à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाने की बारी आती है, तो पकाने के लिठà¤à¤ªà¤¾à¤°à¤¾ (à¤à¤¾à¤ª में पकाने), उबालने और पकाने (बेकिंग) का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें न कि तलने का। तलने में तेल का अधिक पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होता है, और इस पà¥à¤°à¤•ार खादà¥à¤¯ वसà¥â€à¤¤à¥ में कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है, परनà¥â€à¤¤à¥ पोषण ततà¥â€à¤µ कम हो जाते हैं।
महिला और पोषण
महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ दोनों को ही संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद, à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी और नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की जरूरत होती है। नौ साल तक के लड़के और लड़कियों को à¤à¤• समान पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है। लेकिन उमà¥à¤° बढ़ने के साथ शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के कारण दोनों की पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरतें बदल जाती हैं। à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ पà¥à¤°à¥à¤· को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 2000-2500 कैलोरी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जबकि उसी आयॠकी महिला को 1800-2200 कैलोरी की। लेकिन इन आंकड़ों से यह नहीं समà¤à¤¨à¤¾ चाहिठकि महिलाओं के शरीर को पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की à¤à¥€ कम आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ तो यह है कि à¤à¤• महिला को अपने हम उमà¥à¤° पà¥à¤°à¥à¤· के मà¥à¤•ाबले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाहिठहमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषक ततà¥à¤µ
महिलाओं की शारीरिक बनावट नाजà¥à¤• होने के साथ ही जटिल à¤à¥€ होती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बीमारियों का खतरा तो पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तरह ही होता है, लेकिन मासिक धरà¥à¤®, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ और मेनोपॉज के कारण महिलाओं को कई शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। इसलिठजरूरी है कि खà¥à¤¦ को फिट और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठमहिलाà¤à¤‚ अपनी शारीरिक जरूरतों को समà¤à¥‹à¤‚। 19 से 50 साल की महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 18 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय तो आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता और बढ़ जाती है। लेकिन इसी आयॠसीमा के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सिरà¥à¤« 8 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। 50 से कम उमà¥à¤° की महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 1,000 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जबकि 50 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° की महिलाओं को 1,500 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को महिलाओं के मà¥à¤•ाबले न सिरà¥à¤« कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की आवशà¥à¤¯à¤•ता कम होती है, बलà¥à¤•ि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का खतरा à¤à¥€ कम होता है। विशेषकर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के मà¥à¤•ाबले फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और विटामिन बी6 की आवशà¥à¤¯à¤•ता à¤à¥€ अधिक होती है, ताकि गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠका शारीरिक और मानसिक विकास ठीक तरह से हो सके। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ महिलाओं के लिठआवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ है। मेनोपॉज के बाद जिन महिलाओं के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤° कम होती है, उनमें ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का खतरा 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक बढ़ जाता है। जिन महिलाओं के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है, उनमें ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की आशंका 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक बढ़ जाती है। जो महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤ निरोधक गोलियां लेती हैं उनके शरीर को आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता सामानà¥à¤¯ महिलाओं से अधिक होती है।
महिलाओं के लिठआवशà¥à¤¯à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
पालक
सà¤à¥€ हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैं। पर पालक आयरन के सबसे अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤¨à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पालक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ के आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता के 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की, विटामिन सी की 47 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की, विटामिन के की 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की पूरà¥à¤¤à¤¿ करता है। पालक की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विटामिन à¤, फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¤¾à¤‡à¤¡ और बीटा-केरोटिन à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤° में होते हैं। यह विटामिन बी कॉमà¥à¤ªà¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ और फोलेट का à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठयह काफी उपयोगी है। यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में नà¥à¤¯à¥‚रल टय़ूब की खराबी को रोकता है। पालक में कई मिनरल जैसे पोटेशियम, आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर और जिंक अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤° में होते हैं। कॉपर लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में मदद करता है और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® मेनोपॉज के बाद महिलाओं का वजन बढ़ने और सà¥à¤¤à¤¨ को ढीला होने से रोकता है। पालक को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक à¤à¤¾à¤ª में न पकाà¤à¤‚, न उबालें, न ही तलें। à¤à¤¸à¤¾ करने से इसमें मौजूद à¤à¤‚टी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं।
टमाटर
टमाटर में सेब से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषक ततà¥à¤µ होते हैं। इसमें कैलोरी काफी कम होती है। 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® टमाटर में सिरà¥à¤« 18 कैलोरी होती है। यह विटामिन à¤, सी, à¤à¤‚टी आकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, अलà¥à¤«à¤¾ और बीटा कैरोटिन, जैनथेनियम और लà¥à¤¯à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है, जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ उपयोगी है। इसमें विटामिन बी कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ और कई मिनरल जैसे आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤° में होते हैं। टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो महिलाओं में सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर को रोकने में काफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है। लाइकोपीन व à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट महिलाओं के लिठगरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की उमà¥à¤° में काफी उपयोगी होते हैं। ये गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। महिलाओं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ नाजà¥à¤• होती है, इसलिठउनमें उमà¥à¤° बढ़ने के साथ पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚टेशन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚टशन की समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ कम करता है। टमाटर को जितना हो सके सलाद या जूस के रूप में कचà¥à¤šà¤¾ खाà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पकाने से इसके पोषक ततà¥à¤µ नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं।
अखरोट
अखरोट को मेवों का राजा कहा जाता है। वैसे तो सà¤à¥€ सूखे मेवे हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठकाफी अचà¥à¤›à¥‡ होते हैं, पर हाल के अनà¥à¤¸à¤‚धानों में यह बात सामने आई है कि अखरोट में कई à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जो महिलाओं के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होते हैं। यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¨à¥‹à¤¤ है। इसमें विटामिन बी कॉमà¥à¤ªà¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ विशेषकर बी6 व कई मिनरल जैसे आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर और जिंक काफी मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸, à¤à¤‚टीअकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट आदि महिलाओं में सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर का खतरा कम करते हैं। ये गठिया के दरà¥à¤¦ और अवसाद को à¤à¥€ कम करते हैं।
अंजीर
ताजे और सूखे दोनों अंजीर सेहत के लिठफायदेमंद होते हैं। अंजीर में आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤° में होते हैं, जो महिलाओं के लिठबहà¥à¤¤ उपयोगी मिनरल होते हैं। ताजे अंजीर फायटो नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤à¤‚टà¥à¤¸, à¤à¤‚टी आकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विटामिनों के à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होते हैं, जबकि सूखा अंजीर कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, सेलेनियम व जिंक का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¨à¥‹à¤¤ होता है। ताजे अंजीर को सलाद के रूप में या आइसकà¥à¤°à¥€à¤® में डालकर खाया जा सकता है। सूखे अंजीर को दूध में उबालकर पी सकती हैं।
चà¥à¤•ंदर
कचà¥à¤šà¤¾ चà¥à¤•ंदर फोलेट का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® में 109 माइकà¥à¤°à¥‹ गà¥à¤°à¤¾à¤® फोलेट होता है। फोलेट कोशिका में डीà¤à¤¨à¤ और आरà¤à¤¨à¤ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। यह विटामिन à¤, विटामिन बी कॉमà¥à¤ªà¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸, कैरोटिनाइडà¥à¤¸ और फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤¸ का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें आयरन à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो पीरियडà¥à¤¸ के दौरान हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करता है और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में सहायक होता है। चà¥à¤•ंदर को सलाद के रूप में गाजर, मूली, खीरे और पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ के साथ कचà¥à¤šà¤¾ खाà¤à¤‚।
मछली
सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर व गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के कैंसर के मामले महिलाओं में बढ़ते ही जा रहे हैं। ओमेगा3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ इससे रकà¥à¤·à¤¾ करता है। मछलियां विशेषकर सालमन, सारà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤¸, मैकेरल में ओमेगा3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। ये पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। इनमें विटामिन डी, बी2, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, आयरन, जिंक, आयोडीन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटेशियम काफी मातà¥à¤° में होते हैं।
अंडे
अंडे आयरन, जिंक और फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ जैसे मिनरल से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। आयरन महिलाओं में रकà¥à¤¤ की कमी पूरी करता है, जिंक इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® अचà¥à¤›à¤¾ रखता है और फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ व दांतों के लिठजरूरी है। अंडे के पीले à¤à¤¾à¤— में करीब 300 माइकà¥à¤°à¥‹ गà¥à¤°à¤¾à¤® कोलिन होता है, जो सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के खतरे को कम करता है। जो महिलाà¤à¤‚ à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में करीब छह अंडे खाती हैं, उनमें अंडे नहीं खाने वाली महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर का खतरा 44 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कम हो जाता है।
दूध
हाल में हà¥à¤ à¤à¤• शोध में यह बात सामने आई है कि बीस साल व उससे अधिक उमà¥à¤° की 10 में से 9 महिलाओं की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ की कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की आवशà¥à¤¯à¤•ता पूरी नहीं होती। दूध कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में व सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं के लिठदूध का सेवन करना और à¤à¥€ जरूरी है। दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अलावा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, पोटेशियम, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, विटामिन à¤, डी, बी12, राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨ व नियासिन पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से पाया जाता है। दूध और दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने, दांतों व मांसपेशियों के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में मदद करते हैं।
अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज में काफी मातà¥à¤° में फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ होते हैं, जो कई बीमारियों से हमारी रकà¥à¤·à¤¾ करते हैं। ये हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के घनतà¥à¤µ को बढ़ाते हैं, जिससे ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का खतरा कम हो जाता है। ये हॉट फà¥à¤²à¥‡à¤¶à¥‡à¤œ, मेनोपॉज, पीरियडà¥à¤¸ के समय होने वाली तकलीफों और सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के खतरे को à¤à¥€ कम करते हैं। अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज में काफी मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं, जो डीà¤à¤¨à¤ को नषà¥à¤Ÿ होने से बचाते हैं और बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को रोकते हैं। ये कोशिकाओं के पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ में बहà¥à¤¤ उपयोगी हैं। ये मिनरल और विटामिन के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ à¤à¥€ हैं। à¤à¤• पà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज खाने से शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ की 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मिनरल और विटामिन संबंधी जरूरतों की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ हो जाती है, इसलिठइसे सà¥à¤ªà¤° फूड à¤à¥€ कहा जाता है।,
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ को दूर करने के लिठसामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• पहलों को बढ़ावा
आज के विकासशील विशà¥â€à¤µ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• मामले हैं जिनका कारण जानकारी और जागरà¥à¤•ता का अà¤à¤¾à¤µ गरीबी तथा परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का न होना है। इसके कारण कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ तथा नà¥â€à¤¯à¥‚नपोषण होता है जो शिशà¥à¤“ं और बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के शारीरिक और संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• विकास को अवरूदà¥à¤§ करता है और वà¥â€à¤¯à¤¸à¥â€à¤•ों की कारà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता को कम करता है और बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚, महिलाओं और पà¥à¤°à¥‚षों में मृतà¥â€à¤¯à¥ पर और रà¥à¤—à¥â€à¤£à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है। कम उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता से अरà¥à¤œà¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है जिसके परिणामत: गरीबी उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होती है और यही कà¥à¤°à¤® चलता रहता है।
किसी राषà¥â€à¤Ÿà¥à¤° की जनसंखà¥â€à¤¯à¤¾ का सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ और पोषणीय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ किसी देश के विकास का महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सूचक होती है। मृतà¥â€à¤¯à¥ दर, सूकà¥à¤·à¥â€à¤® पोषकों की कमी और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ सूचक हैं जिनका देश की सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ संबंधी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का मूलà¥â€à¤¯à¤¾à¤‚कन करने में उपयोग किया जा सकता है।
नà¥â€à¤¯à¥‚न पोषण
नà¥â€à¤¯à¥‚न पोषण à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है जिसके कारण शिशॠऔर मातृतà¥â€à¤µ मृतà¥â€à¤¯à¥ दर अधिक होती है और बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में जनà¥â€à¤® के समय वज़न कम होता है। à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ 2 आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 40.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ महिलाओं का वज़न कम होता है। इसके साथ कम उमà¥à¤° में और बार-बार माठबनना मातृतà¥â€à¤µ मृतà¥â€à¤¯à¥ दर में वृदà¥à¤§à¤¿ और बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में जनà¥â€à¤® के समय कम वजन होने का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारक हैं।
53.9 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ महिलाà¤à¤‚ अनीमिया से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ हैं (à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ 2) जिसमें से 2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ गंà¤à¥€à¤° अनीमिया से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ हैं और 36.1 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ मृदॠअनीमिया से पीडित हैं। कà¥à¤² गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का लगà¤à¤— 49.7 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ अनीमिया से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ हैं जिसमें 2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाà¤à¤‚ गंà¤à¥€à¤° अनीमिया से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ है। अनीमिया का महिलाओं और बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ पर हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है और यह मातृतà¥â€à¤µ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ मृतà¥â€à¤¯à¥ का महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारण है। अनीमिया के कारण समय से पूरà¥à¤µ डिलीवरी तथा जनà¥â€à¤® के समय कम वजन का खतरा बढ़ा जाता है। (शेषादà¥à¤°à¤¿ 1997)। अनीमिया का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥â€à¤¯à¤•à¥à¤· परिणाम कम आरà¥à¤¥à¤¿à¤• उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ता है।
मातृतà¥â€à¤µ मृतà¥â€à¤¯à¥ दर
विशà¥â€à¤µà¤à¤° में पà¥à¤°à¤¤à¥â€à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· लगà¤à¤— 500000 महिलाओं की मृतà¥â€à¤¯à¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ व बचà¥â€à¤šà¥‡ के जनà¥â€à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कारणों से होती है और इनमें से अधिकांश मृतà¥â€à¤¯à¥ विकासशील देशों में होती हैं। (डबà¥â€à¤²à¥â€à¤¯à¥‚ à¤à¤š ओ 1999)। à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ 2 से दो वरà¥à¤· पूरà¥à¤µ राषà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥â€à¤¤à¤° पर औसत मातृतà¥â€à¤µ मृतà¥â€à¤¯à¥ अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ 540 मृतà¥â€à¤¯à¥ पà¥à¤°â€à¤¤à¤¿ 100000 जीवित जनà¥â€à¤® था। शहरी à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° (619) काफी अधिक है। इसका कारण नà¥â€à¤¯à¥‚न पोषण, सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ देख रेख संबंधी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं तक पहà¥à¤‚च न होना तथा सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ पोषणीय पदà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और टीकाकरण के बारे में जागरà¥à¤•ता न होना है। à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ 2 आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 39.8 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ महिलाओं का गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ जांच नहीं होती है जिसके कारण à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° और आईà¤à¤®à¤†à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है।
जनà¥â€à¤® के समय कम वज़न का होना
कà¥à¤² जनà¥â€à¤®à¥‡à¤‚ शिशà¥à¤“ं में से 22.7 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ का वजन कम होता है। उनकी शैशवकाल में मृतà¥â€à¤¯à¥ का जोखिम काफी अधिक होता है। यदि वे जीवित बच à¤à¥€ जाते हैं तो उनकी कà¥à¤·à¤¯ हà¥à¤ˆ वृदà¥à¤§à¤¿ नहीं हो पाती और वे कई विकास संबंधी कमियों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील होता है। यही नहीं कोलसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® न देने से नठजनà¥â€à¤®à¥‡à¤‚ शिशà¥à¤“ं में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बढ़ जाता है। à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ 2 के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° केवल 64 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ महिलाà¤à¤‚ और 58.8 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शहरी महिलाà¤à¤‚ सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से पहला दूध पिलाती हैं। यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ तब और गंà¤à¥€à¤° हो जाती है जब अनà¥à¤ªà¥‚रक दूध पिलाने में देरी हो जाती है जो कई बाद à¤à¤• वरà¥à¤· होती है।
शिशॠऔर बाल मृतà¥â€à¤¯à¥ दर
शिशॠऔर बाल मृतà¥â€à¤¯à¥ दर देश में सामाजिक आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास और जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं और इनका उपयोग जनसंखà¥â€à¤¯à¤¾ और सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ तथा नीतियों की मानीटरिंग और मूलà¥â€à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठकिया जाता है (à¤à¤¨à¤à¤«à¤à¤šà¤à¤¸ 2)। नवजात मृतà¥â€à¤¯à¥ दर, शिशॠमृतà¥â€à¤¯à¥ दर, बाल मृतà¥â€à¤¯à¥ दर, पांच वरà¥à¤· से कम आयॠके बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की मृतà¥â€à¤¯à¥ दर का उपयोग शिशॠऔर बाल मृतà¥â€à¤¯à¥ दर का पà¥à¤°à¤¾à¤•à¥â€à¤•लन करने के लिठकिया जा सकता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिशॠमृतà¥â€à¤¯à¥ दर 67.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ 1000 जीवित जनà¥â€à¤® है। गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के 47.0 की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शिशॠमृतà¥â€à¤¯à¥ दर 73.3 है। शहरी बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के पांच वरà¥à¤· की आयॠसे पूरà¥à¤µ मृतà¥â€à¤¯à¥ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ है जो सà¥â€à¤ªà¤·à¥â€à¤Ÿ रूप से दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है कि गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯, पोषणीय और गरीबीरोधी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ को सà¥à¤¦à¥ƒà¤¢à¤¼ बनाठजाने की आवशà¥â€à¤¯à¤•ता है। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ पिछले कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से शिशॠऔर बाल मृतà¥â€à¤¯à¥ दर में काफी कमी हà¥à¤ˆ है लेकिन कमी के बावजूद अनà¥â€à¤¯ देशों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिशॠऔर बाल मृतà¥â€à¤¯à¥ दर बहà¥à¤¤ अधिक है। उदाहरणारà¥à¤¥ अमेरिका में शिशॠमृतà¥â€à¤¯à¥ दर 6.9 पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 1000 जीवित जनà¥â€à¤® है (सेंटर फार डिसीज़ कंटà¥à¤°à¥‹à¤², 2000)। यहां तक कि मौकà¥â€à¤¸à¤•ो और चीन में à¤à¥€ अनà¥â€à¤¯ देशों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शिशॠमृतà¥â€à¤¯à¥ दर काफी कम, कà¥à¤°à¤®à¤¶: 25 और 27 है। ये सà¤à¥€ पहलू कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और नà¥â€à¤¯à¥‚न पोषण से संबंधित हैं और à¤à¤• पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक बढ़ते जाते हैं, परिणामत: कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और खराब सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ का चकà¥à¤° चलता रहता है।
अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ देखà¤à¤¾à¤²
बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के सही समय के साथ-साथ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ समान रूप से महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। गरीबी और अनà¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¤à¤¾ के कारण बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिया जाता है जिनमें पानी की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है और बचà¥â€à¤šà¥‡ की पोषण संबंधी आवशà¥â€à¤¯à¤•ताओं की पूरà¥à¤¤à¤¿ करने में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ नहीं होता। यही नहीं यदि à¤à¥‹à¤œà¤¨ साफ बरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सà¥â€à¤µà¤šà¥â€à¤›à¤¤à¤¾ से तैयार नहीं किया जाता तो बचà¥â€à¤šà¤¾ अधिक संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील हो जाता है।
समसà¥â€à¤¯à¤¾ बालिका शिशॠके मामले में और बढ़ जाती है जिसे बालक शिशॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कमतर समà¤à¤¾ जाता है। जब लड़की किशोरवसà¥â€à¤¥à¤¾ में पहà¥à¤‚चती है तो उसके कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ और अनीमियागà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ होने तथा संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• और शारीरिक कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। अकà¥â€à¤¸à¤° उसका कम उमà¥à¤° में विवाह कर दिया जाता है जिसके परिणाम शीघà¥à¤° मां बनना और बहà¥-गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ होता है। चूंकि मां कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ और अनीमियागà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ होती है इसका गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠपर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पड़ता है और वह अंतरा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकास मंदन (इंटरायूटाइन गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रिटारà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨) से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ हो जाता है जिससे जनà¥â€à¤® के समय वज़न कम होता है।
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और खराब सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ का निरंतर चकà¥à¤°
अलà¥â€à¤ª पोषित वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील होता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ मांग को बढ़ा देते हैं जिसकी यदि पूरà¥à¤¤à¤¿ नहीं होती तो कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ और बढ़ जाता है। कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को कम कर देता है और बचà¥â€à¤šà¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील बना देता है। सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पेयजल वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और घरेलू असà¥â€à¤µà¤šà¥â€à¤›à¤¤à¤¾ आंत संबंधी बीमारियों और संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का मà¥à¤–à¥â€à¤¯ कारण रहा है और यह कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को और बिगाड़ देता है।
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठरणनीति
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठछोटे सà¥â€à¤¤à¤° पर कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ से लाठनहीं होगा। गरीबी और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ के मदà¥à¤¦à¥‡à¤¨à¤œà¤° विकासातà¥â€à¤®à¤• रणनीति जिसमें गरीबी, बेरोजगारी और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ को दूर किठजाने की नीति शामिल हो, पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता होनी चाहिà¤à¥¤
जो कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ को दूर करने और आय सृजन करने संबंधी कारà¥à¤¯à¤•लाप आरंठकरने के दोहरे उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥â€à¤¯ की पूरà¥à¤¤à¤¿ करता है। योजना का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥â€à¤¯ न केवल जागरà¥à¤•ता करना है और समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की पोषणीय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¤¾ है बलà¥à¤•ि लोगों के जीवन सà¥â€à¤¤à¤° को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ के लिठआय सृजन हेतॠकौशल पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना à¤à¥€ है।
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